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जोड़ों में दरà¥à¤¦ और 105 डिगà¥à¤°à¥€ बà¥à¤–ार तो चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾
Publish Date: Mon, 31 Oct 2011 09:51 PM (IST)Updated Date: Mon, 31 Oct 2011 09:50 PM (IST)
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सहारनपà¥à¤° : आपका शरीर तप रहा है, 103 से 105 डिगà¥à¤°à¥€ बà¥à¤–ार है और जोड़ों में दरà¥à¤¦ होने के बाद मà¥à¥œ रहे हैं। हाथ और पैरों ने काम करना बंद कर दिया तो तà¥à¤°à¤‚त समठलीजिठकि चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ है। इसके होने से मरीज को उलà¥à¤Ÿà¥€ और सिर दरà¥à¤¦ के साथ मà¥à¤‚ह में छाले à¤à¥€ पड़ जाते हैं। सरà¥à¤¦à¥€ की दसà¥à¤¤à¤• के साथ जिला असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में लगातार चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। डाकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की माने तो हर सातवां मरीज चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का है।
चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• वायरल बीमारी है। जिसकी खोज अफà¥à¤°à¥€à¤•ा में 1952 में हà¥à¤ˆ थी। चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का अरà¥à¤¥ है। जोड़ों का सखà¥à¤¤ होना और मà¥à¥œ जाना। विशà¥à¤µ में इस बीमारी के लिठअà¤à¥€ तक कोई वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ तैयार नहीं हो पाई है। बलà¥à¤•ि अमेरिका में डीà¤à¤¨à¤ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ पर रिसरà¥à¤š हो रही है। सरà¥à¤¦à¥€ की दसà¥à¤¤à¤• के साथ इस बीमारी के मरीजों की संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़ रही है। हालत यह है कि असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में हर सातवां मरीज चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित है। डाकà¥à¤Ÿà¤° संजीव मिगलानी ने बताया कि उनके नरà¥à¤¸à¤¿à¤— होम में à¤à¥€ रोजाना बीस के करीब मरीज चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के आ रहे हैं। यह बीमारी बड़ी खतरनाक है। इसके बचाव के लिठमरीजों को सावधानी बरतने की जरà¥à¤°à¤¤ है।
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